Friday, 5 February 2016
Monday, 1 February 2016
Imaginary boundaries...
Premises of limited thoughts,
country; patriotism..
and even religion...
slave we are...?
of our own thoughts...or
forced thought culture..!
This is yours;
this is mine...
you live here...
I live there...or vise-versa.
Who taught us..
parents-Teachers-History??
Who created history- you/we/us..??
Visa, Passport or Residency;
boundaries of so called decency,
our fights, killings and War,
Aren't they thought humanity.
our imaginary boundaries or what??
country; patriotism..
and even religion...
slave we are...?
of our own thoughts...or
forced thought culture..!
This is yours;
this is mine...
you live here...
I live there...or vise-versa.
Who taught us..
parents-Teachers-History??
Who created history- you/we/us..??
Visa, Passport or Residency;
boundaries of so called decency,
our fights, killings and War,
Aren't they thought humanity.
our imaginary boundaries or what??
Sunday, 31 January 2016
Fourth Stage...Few more days to go....Life
I can only see outside,
the Beautiful,
Adorable world...!!
Lovely people..
and Nature...outside my window,
trees, roads and walking people,
participate I can not;
I am the Audience..
The spectator...!!
Can not participate;
But can say...
my sadness is-
Lesser than yours..
I am physically ill;
people are mentally I guess...!!
They say this disease don't have
Medicine..
some say my bad
luck..!!
they come and show their sadness,
its my badluck that I have these weak people..
nowadays people come and meet me more,
more than ever anyone came and met...!
Again I see,
lovely nature outside my window,
it's fourth stage,
Bones shaking,
but..
I like to say...I am breathing happily,
recalling past...my experiences and
experiments with
Life..!!
This is Lovely but Lonely world,
Love...Live and Share..
let me live my own world of thoughts!!
the Beautiful,
Adorable world...!!
Lovely people..
and Nature...outside my window,
trees, roads and walking people,
participate I can not;
I am the Audience..
The spectator...!!
Can not participate;
But can say...
my sadness is-
Lesser than yours..
I am physically ill;
people are mentally I guess...!!
They say this disease don't have
Medicine..
some say my bad
luck..!!
they come and show their sadness,
its my badluck that I have these weak people..
nowadays people come and meet me more,
more than ever anyone came and met...!
Again I see,
lovely nature outside my window,
it's fourth stage,
Bones shaking,
but..
I like to say...I am breathing happily,
recalling past...my experiences and
experiments with
Life..!!
This is Lovely but Lonely world,
Love...Live and Share..
let me live my own world of thoughts!!
Tuesday, 19 January 2016
Someday I want....
Someday.......!!!
Someday I wanna disappear and wanna see..
how many people actually miss me,
someday i wanna die for One day to see,
who cry most for my loss,,
someday I wanna give me rest,
rest from all the thoughts....
someday i wanna live for me.....
someday....
someday I want my love to come back and see...
how much m missing her,
someday i want to cry lot and
figure out what I want from life,
someday I want my love
to love me more than I love her.....
someday I wanna laugh out loud for my mistakes
& wanna say yes I did it coz I did not want...
someday I want to Live for me....
someday I want this heart to listen to me...
someday I want....Not some....i want alot...!! someday!!
Monday, 14 December 2015
Saturday, 14 November 2015
Were we really....???
A mutual breakup,
Couldn't turned up,
Again u were unaware
Coz she is engaged...!!
Couldn't turned up,
Again u were unaware
Coz she is engaged...!!
Broken mirror gives u many faces,u had long walks with open laces,
Closed lashes can't say u awake,
Reminding urself that you alive,
Remembering spent moment & life,
That loud music but no words
ur lonely walk with autumn fallouts
Question comes again n again,
ur lonely walk with autumn fallouts
Question comes again n again,
"Were we really made for each other?"
Sunday, 1 November 2015
शिक्षा को भी धर्म में बाँट दिया....
हमने तो शिक्षा को भी धर्म में बाँट दिया...
१. काशी हिंदू विश्वविद्यालय
२. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय
शिक्षा का उद्देस्य कभी भी राजनैतिक नही रहा यही तो गम है, राजनैतिक (सकारात्मक राजनीति वो भी) होता तो हम संप्रादायक ना बन जाते, खुद को हिंदू और मुसलमान कहलाने वालो को ये बता देना चाहता हू की भारत गणराज्या (जिसमे पूरा पंजाब, सिंध, लश्कर और अफ़ग़ानिस्तान इत्यादि) भी आता है, १८५७ तक कभी संप्रादायक झगड़े ना हुए कभी, हिंदू और मुसलमान भले ही अपने अपने धर्मा संस्थानो मे धर्मा की शिक्षा लेते थे पर जब आधुनिक शिक्षा दिखा की बात होती थी तो नालंदा जैसे विस्वा ईसतरीया केन्द्र श्रोत बनते थे ज्ञान के लिए!
पर ब्रिटिश राज ने फूर डालो सासन करो अपनाया, उस वक़्त होता ये था की मंदिर और मस्जिद ज्ञान का केन्द्रा थे, ब्रिटिश राज ने रात क अंधेरो मे अलग अलग बुलाया मौलवी साहब को भी और पुजारी को भी, लालच भरे लोगो ने साथ भी दिया! ब्रिटिश रात मे मंदिरो मे गाय काटकर फेक जाते थे और लिख देते थे अल्लाहोआक्बर, और मस्जीदो मे शराब इत्यातो रखवा कर जय श्री राम लिख देते थे!
फिर वही लालची मौलवी और पंडित पुजारी अपने अपने संस्थनो मे लोगो को जमा करके बीज बोते थे संप्रादायक!! तनाव लाते थे!! आज जो भारत हम देख रहे है वो भारत का सपना अगर दिखा होता ना आज़ादी के वक़्त तो सच बता रहा हू, आज़ादी के लिए कोई प्रयास भी ना करता! एससे अच्छा अंग्रेज़ो की गुलामी होती!
बड़े बड़े समारोहो मे हिंदू मुस्लिम एकता का नारा लगाने वालो, नया दौर विकाश का है, नया दौर टेक्नालजी का है,!! २ जून की रोटी मुसीब ना हो पा रही अभी भी भारत क लखो लोगो को और तुम सब हो की आपसी रंजिस मे लगे रहते हो...!!
जहा तक एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप की ही बात हो, मुसलमान कहेगा की आर एस एस को दुनिया का दूसरा बड़ा आतंकवादी संघटन घोसित क्रना चाहिया (हालाँकि यूएन और मूडी ने भी माना है की एँकी गतिविधिया भारत की साख मे बट्टा लगा रही है).......
फिर आप कहेंगे की यहा तो हज़ारो प्रमाण है की अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी कभी इंडियन मुजाहिद्दीन तो कभी आई एस एस तक को समर्थित लोगो का आसरा रहा है..>!!! भाई साहब, बात पाते की सुनो, आप राजनैतक लाभ क लिए लोगो की जान से ना खेलो...!! शिक्षण संस्थान को ज्ञान का श्रोत रहने दें.....अनुरोध ही मेरा....कार्बद्ध अनुरोध है...!!!
जिन लोगो को आप महापुरुष कहते है, जिन्होने ऐसे नाम और आरक्षित महान शिक्षण संस्थानो की नीव रखी, उन्होने कभी ना सोचा होगा की उनके एस महानतम सोच का फल क्या निकलेगा, !!!
पर अब जब बदलाव किया जेया सकता है तो अनुरोध है मेरा तन्त्र से, बनाना है तो नालंदा जैसा बनाए, दुनिया मे नाम कराएँ...शिक्षा कभी जाती और धर्मा मे ना बाँध दें..!! यूनिवर्सिटी नाम ही एव्स लिए है क्योकि शिक्षा यूनिवर्सल है..!!
आप महनुभव के विचार आमंत्रित हैं...!!!
Saturday, 19 September 2015
मानवता के खातिर....
हर साल बाल दिवस पर आ जाता है याद बचपना..!! शिक्षा का अधिकार, सुरक्षा और सदभावना के अलावा भी ना जाने कितने ही अधिकारों की बात करते है हम ना; हम कहते है की बच्चे ही भविस्य है भारत का....पर क्या आप जानते है :
अच्छा चलो मुद्दा वो भी नही; बात ये है की क्या आपने आसपास देखा है क्या???? ज़्यादातर भीख माँगने वाले बच्चे ही मिलेंगे आपको; आप अगर कार चला रहे है तो ये दृश्या दिखेगा:
अच्छा चलो मुद्दा वो भी नही; बात ये है की क्या आपने आसपास देखा है क्या???? ज़्यादातर भीख माँगने वाले बच्चे ही मिलेंगे आपको; आप अगर कार चला रहे है तो ये दृश्या दिखेगा:
कही बच्चे खाने को मोहताज तो कही शिक्षा को...!! हम कई बार बात करते है विकसित भारत के सपनो की; विकाश की राह मे भाग रहे विज्ञान की; चुनाव क वक़्त वापस रोटी कपड़ा और मकान की....कुच्छ भी कह लो...अनाथालय मे बच्चे बढ़ते जा रहे है..!! कारण कोई पता नही करना चाह रहा; भूख से बिलबिलाते बच्चो पर एन जी ओ का भी बड़ा खेल और भ्रष्टाचार चल रा है समाज मे....!!!
सड़क मे या तो भीख मागते हुए या कुच्छ बेचने का प्रयास करते हुए बच्चे अक्सर आक्सिडेंट का भी शिकार हो जाते है; अगर कुच्छ मिला भी दान वश भी तो वो जिस प्यार के हकदार है वो तो नही मिलता ना...!!
शायद हो पाए इश् बावत हम सब से....अपने भी भविस्या के खातिर....अपने बचपन को याद करते हुए...मानवता के खातिर
Wednesday, 16 September 2015
हम बात करते है भारत भविस्य की ....आरक्षण की..!!!
शवर्न और आवर्न दो भाग है समाज मे; आज हालत ये है की शूद्रा खुद को सवर्न मे नही गिनता है. आप कितना भी कह लो; हालत अभी भी सुधरे नही है;
ओ बी सी की बात नही करता पर यथार्थ देखना हो तो दलित मे देखिए;
आपको वो पीढ़ी दर पीढ़ी उसी हालत मे मिलेंगे. आप हम जैसे सभी लोग उनका शोषण करते थे और कर रहे है.
उनको उनके पास से आप हम आरक्षण देने या हटाने की बात करते है; जो दो जून की रोटी को मजबूर है; क्या उनका पेट आप आरक्षण से भर सकते हो?
जिन्हे आरक्षण चाहिए उनको मिल नही पता और वो भूख से या ग़रीबी मे आत्महत्या से मरते है, जिनको नही मिलता आरक्षण वो खून की नदियाँ बहाना पसंद करते है;
हार्दिक पटेल जन्म लेते है;
हक़ीकत तो ये है की जिनको ज़रूरत दो जून की रोटी की है उनका पेट आरक्षण देने भर से ना भरेगा. कुच्छ सरकार से परे हटकर हमे खुद करना पड़ेगा. लोग आरक्षण का ढोंग पीट र्हे;
मुझे बात तो ये नही समझ आती की आज भी मंदिर क बाहर सौ लोग ऐसे कैसे दीं दुखिहारे भूखे दिख ही जाते है; आप कार रोकिए किसी भी चौराहे मे 10 बच्चे रोते बिलबिलते और 1 रुपय मॅगने दौड़ पड़ते है;
आज करतब दिखाने को मजबूर 5 साल क बच्चे ट्रेन मे 1 रोटी मॅगने कचरा सॉफ करते है; क्या शिक्षा का अधिकार उनके लिए नही है.? हम बड़ा आरक्षण का विरोध करते है ना;
क्या हमने कभी ये जाना है की हमारे पूर्वाजो ने जाती क आधार पर कितना प्रताड़ित किया है अनुसूचित जातियो को. चामर अगर पानी च्छू दे तो पानी का घड़ा तोड़ दिया जाता है!! सोचिए ये अगर आप हम जैसे लोगो क साथ होता तो क्या होता हुमारा. फिर भी हम बात करते है भारत भविस्या की ....आरक्षण की..!!!
बताएए कों सा ब्राह्मण आज मल उठता है; कौन सा ठाकुर आज मज़दूर है...बहोट कम मिलेंगे ना....!! परंतु यहा करोड़ो दलित लोग है जो नली का गंदा पानी पीने को मजबूर है या की आरक्षण नमक चीज़ है भी या नही उनको पता तक नही!!! और हम बात करते है सवर्ण की..!!!
ओ बी सी की बात नही करता पर यथार्थ देखना हो तो दलित मे देखिए;
आपको वो पीढ़ी दर पीढ़ी उसी हालत मे मिलेंगे. आप हम जैसे सभी लोग उनका शोषण करते थे और कर रहे है.
उनको उनके पास से आप हम आरक्षण देने या हटाने की बात करते है; जो दो जून की रोटी को मजबूर है; क्या उनका पेट आप आरक्षण से भर सकते हो?
जिन्हे आरक्षण चाहिए उनको मिल नही पता और वो भूख से या ग़रीबी मे आत्महत्या से मरते है, जिनको नही मिलता आरक्षण वो खून की नदियाँ बहाना पसंद करते है;
हार्दिक पटेल जन्म लेते है;
हक़ीकत तो ये है की जिनको ज़रूरत दो जून की रोटी की है उनका पेट आरक्षण देने भर से ना भरेगा. कुच्छ सरकार से परे हटकर हमे खुद करना पड़ेगा. लोग आरक्षण का ढोंग पीट र्हे;
मुझे बात तो ये नही समझ आती की आज भी मंदिर क बाहर सौ लोग ऐसे कैसे दीं दुखिहारे भूखे दिख ही जाते है; आप कार रोकिए किसी भी चौराहे मे 10 बच्चे रोते बिलबिलते और 1 रुपय मॅगने दौड़ पड़ते है;
आज करतब दिखाने को मजबूर 5 साल क बच्चे ट्रेन मे 1 रोटी मॅगने कचरा सॉफ करते है; क्या शिक्षा का अधिकार उनके लिए नही है.? हम बड़ा आरक्षण का विरोध करते है ना;
क्या हमने कभी ये जाना है की हमारे पूर्वाजो ने जाती क आधार पर कितना प्रताड़ित किया है अनुसूचित जातियो को. चामर अगर पानी च्छू दे तो पानी का घड़ा तोड़ दिया जाता है!! सोचिए ये अगर आप हम जैसे लोगो क साथ होता तो क्या होता हुमारा. फिर भी हम बात करते है भारत भविस्या की ....आरक्षण की..!!!
बताएए कों सा ब्राह्मण आज मल उठता है; कौन सा ठाकुर आज मज़दूर है...बहोट कम मिलेंगे ना....!! परंतु यहा करोड़ो दलित लोग है जो नली का गंदा पानी पीने को मजबूर है या की आरक्षण नमक चीज़ है भी या नही उनको पता तक नही!!! और हम बात करते है सवर्ण की..!!!
Monday, 14 September 2015
Vo Kehti Hai...Suno Jana...
Vo kehti hai ye ladna ye jhagdna door krta hai humko,
tum door kar do majbooriyan tanhaeyan...
Mai keta hu tapish-e-badhumani me kuchh bhi ho mohabbat meri kam ho nahi sakti...
Mai keta hu tapish-e-badhumani me kuchh bhi ho mohabbat meri kam ho nahi sakti...
Mai kehta hu suno Jana ye takrar ka adhikar hai mujhko,
tumhe esme mera pyaaar kyu nahi dikhta...
Mai kehta hu tu meri mehbooba mera pyaar mera sab kuchh hai Jana ....
Mai kehta hu tu meri mehbooba mera pyaar mera sab kuchh hai Jana ....
kaise tujhe khud se door jaane dunga mai
Vo kehti hai kuchh log kehte hai ye chhoti baten Badi ban jaya krti hai...
agar lagam na lagao enpar to
Vo kehti hai....mohabbat ek mom ka putla hai...
Vo kehti hai....mohabbat ek mom ka putla hai...
ese pighala dengi vo garm anche vo garm hawayen....
Mai kelta hu suno Jana...
jhulas jaye tan bhi agar mera to vo garam hawaye pyaar ko na chhu payenge
Etna visawas karo apni mohabbat me...
Mai kehta hu ab sun tu mujhe....meri Jana...
Teri ankho me ye pyaar meri muskan k khatir tera vo chupchap dard ka sehna...
Teri baten tera vo khilkhila kar hasna..
bada mashgool krta hai mujhe tere es pyaar me padna...
Vo kehti hai Teri baate tere Wade sab sunne me to achhe lagte hai;
par kya pure honge kabhi,
Mai kehta hu bharosha rakho aye Jana en wado par...
Mai kehta hu bharosha rakho aye Jana en wado par...
antim sans tak koshishe rahengi meri...
Kisi ki baat me na aao kabhi takrar na ki humne..
koe ye faisala kar nahi skta ki future kya hoga hamara...
Har baat Jo tujhse Judi
har jakhm Jo tere mere dard ban jaaye
aye Jana aur kya Hi maagu mai khuda ne agar puchhi h meri raja
Mai kehta hu yahi rab se yahi meri gujarish hai...
sabhi dard de do uske chupke se mujhe Teri muskan qki sabse pyaari hai....
Na maga rab se kabhi kuchh vo upar wala bhi kya sochta hoga...
teri khushiyo k khatir ye adiyal tera premi adig sa ruka rha hoga...
Vo kehti hai: tum jeene me mere mushqile paida krte ho...
kisse bat karu kisse na kru ye bhala tum kaise kehte ho....
mai kehta hu: door kardo ye buraeyan mere man se mera ilaaz ban jaao....
Teri jaroorat hai tere pyaar ki es dil ko...
mera humsafar ban jaao
Bada dar sa lagta hai bada asahaj mehsoos krta hu...
Bada dar sa lagta hai bada asahaj mehsoos krta hu...
mohabbat hai tujhse mujhe ye baat to hai Hi..
par ek bat sach sach keh du ki Tera bada samman krta hu...
Teri baato ko sunta hu mai manta bhi to hoon....
Teri baato ko sunta hu mai manta bhi to hoon....
Teri har khwahisho ko pura krne ki kasam mai leta hu
Vo kehti hai..
Vo kehti hai..
baaten banana koe tumse Sikke....
natak mandali k sartaj tum Hi...
Mai kehta hu sach kehta hu viswas karo mera....
Mai kehta hu sach kehta hu viswas karo mera....
tumhi se mohabbat tumhi se Hi hai ashiqki..........Yehi Ye Jeevan Hai..
Sunday, 13 September 2015
वो कहती है........सुनो जाना.....!!!
वो कहती है ये लड़ना ये झगड़ना दूर करता है हमको,
तुम दूर कर दो मजबूरियाँ तनहाईयाँ...
मै कहता हू तपिश-ए-बदगुमानी मे कुच्छ भी हो मोहब्बत मेरी कम हो नही सकती...!!!
मै कहता हू सुनो जाना,
ये तकरार का अधिकार है मुझको,
तुम्हे इसमे मेरा प्यार क्यू नही दिखता...
मै कहता हू तू मेरी महबूबा मेरा प्यार मेरा सब कुच्छ है जाना ....
कैसे तुझे खुद से दूर जाने दूँगा मै...
वो कहती है कुच्छ लोग कहते है
ये छ्होटी बातें बड़ी बन जया करती है...अगर लगाम ना लगाओ तो,
वो कहती है....मोहब्बत एक मोंम का पुतला है...
इसको पिघला देंगी वो गर्म आँचे वो गर्म हवाएँ....
मै कहता हू सुनो जाना...
झुलस जाए तन भी अगर मेरा तो,
वो गरम हवाए प्यार को ना च्छू पाएँगी,
इतना विस्वास करो अपनी मोहब्बत मे...!!!
मै कहता हू अब सुन तू मुझे....मेरी जाना...
मै कहता हू अब सुन तू मुझे....मेरी जाना...
तेरी आँखो मे ये प्यार मेरी मुस्कान के खातिर,
तेरा वो चुपचाप दर्द का सहना...
तेरी बातें तेरा वो खिलखिला कर हसना..
बड़ा मशगूल करता है मुझे तेरे इस प्यार मे पड़ना...
वो कहती है तेरी बाते तेरे वादे सब सुनने मे तो अच्छे लगते है; पर क्या पूरे होंगे कभी,
मै कहता हू
भरोशा रखो अये जाना
इन्ही वादों पर...अंतिम सांस तक कोशिशे रहेंगी मेरी...!!
किसी की बात मे ना आओ
कभी तकरार ना की हमने...
कोई ये फ़ैसला कर नही सकता की फ्यूचर क्या होगा हमारा...
हर बात जो तुझसे जुड़ी
हर जख्म जो तेरे मेरे दर्द बन जाए अये जाना
और क्या ही मागू मै खुदा ने अगर पूछि है मेरी रजा...
मै कहता हू यही रब से यही मेरी गुज़ारिश है...
सभी दर्द दे दो उसके चुपके से मुझे उसकी मुस्कान सबसे प्यारी है....
ना मागा रब से कभी कुच्छ वो उपर वाला भी क्या सोचता होगा...
तेरी खुशियो के खातिर ये अड़ियल तेरा प्रेमी अडिग सा रुका रा होगा...
वो कहती है तुम जीने मे मेरे मुश्क़िले पैदा करते हो...
किससे बात करू किससे ना करू ये भला तुम कैसे कहते हो....
मै कहता हू दूर करदो ये बुराइयां मेरे मन से मेरा इलाज़ बन जाओ....
तेरी ज़रूरत है तेरे प्यार की एस दिल को...मेरा हमसफ़र बन जाओ....
बड़ा दर सा लगता है बड़ा असहज महसूस करता हू...
मोहब्बत है तुझसे मुझे ये बात तो है ही..
पर एक बात सच सच कहु की तेरा बड़ा सम्मान करता हू...
तेरी बातो को सुनता हू मै मानता भी तो हूँ....
तेरी हर ख्वाहिशो को पूरा करने की कसम मै लेता हू...
वो कहती है...बातें बनाना कोए तुमसे सीखे..
नाटक मंडली के सरताज तुम ही...
मै कहता हू सच कहता हू विस्वास करो मेरा....
तुम्ही से मोहब्बत तुम्ही से ही है आशिक़्क़ी...!!! यही ये जीवन है...!!!
तुम दूर कर दो मजबूरियाँ तनहाईयाँ...
मै कहता हू तपिश-ए-बदगुमानी मे कुच्छ भी हो मोहब्बत मेरी कम हो नही सकती...!!!
मै कहता हू सुनो जाना,
ये तकरार का अधिकार है मुझको,
तुम्हे इसमे मेरा प्यार क्यू नही दिखता...
मै कहता हू तू मेरी महबूबा मेरा प्यार मेरा सब कुच्छ है जाना ....
कैसे तुझे खुद से दूर जाने दूँगा मै...
वो कहती है कुच्छ लोग कहते है
ये छ्होटी बातें बड़ी बन जया करती है...अगर लगाम ना लगाओ तो,
वो कहती है....मोहब्बत एक मोंम का पुतला है...
इसको पिघला देंगी वो गर्म आँचे वो गर्म हवाएँ....
मै कहता हू सुनो जाना...
झुलस जाए तन भी अगर मेरा तो,
वो गरम हवाए प्यार को ना च्छू पाएँगी,
इतना विस्वास करो अपनी मोहब्बत मे...!!!
मै कहता हू अब सुन तू मुझे....मेरी जाना...
मै कहता हू अब सुन तू मुझे....मेरी जाना...
तेरी आँखो मे ये प्यार मेरी मुस्कान के खातिर,
तेरा वो चुपचाप दर्द का सहना...
तेरी बातें तेरा वो खिलखिला कर हसना..
बड़ा मशगूल करता है मुझे तेरे इस प्यार मे पड़ना...
वो कहती है तेरी बाते तेरे वादे सब सुनने मे तो अच्छे लगते है; पर क्या पूरे होंगे कभी,
मै कहता हू
भरोशा रखो अये जाना
इन्ही वादों पर...अंतिम सांस तक कोशिशे रहेंगी मेरी...!!
किसी की बात मे ना आओ
कभी तकरार ना की हमने...
कोई ये फ़ैसला कर नही सकता की फ्यूचर क्या होगा हमारा...
हर बात जो तुझसे जुड़ी
हर जख्म जो तेरे मेरे दर्द बन जाए अये जाना
और क्या ही मागू मै खुदा ने अगर पूछि है मेरी रजा...
मै कहता हू यही रब से यही मेरी गुज़ारिश है...
सभी दर्द दे दो उसके चुपके से मुझे उसकी मुस्कान सबसे प्यारी है....
ना मागा रब से कभी कुच्छ वो उपर वाला भी क्या सोचता होगा...
तेरी खुशियो के खातिर ये अड़ियल तेरा प्रेमी अडिग सा रुका रा होगा...
वो कहती है तुम जीने मे मेरे मुश्क़िले पैदा करते हो...
किससे बात करू किससे ना करू ये भला तुम कैसे कहते हो....
मै कहता हू दूर करदो ये बुराइयां मेरे मन से मेरा इलाज़ बन जाओ....
तेरी ज़रूरत है तेरे प्यार की एस दिल को...मेरा हमसफ़र बन जाओ....
बड़ा दर सा लगता है बड़ा असहज महसूस करता हू...
मोहब्बत है तुझसे मुझे ये बात तो है ही..
पर एक बात सच सच कहु की तेरा बड़ा सम्मान करता हू...
तेरी बातो को सुनता हू मै मानता भी तो हूँ....
तेरी हर ख्वाहिशो को पूरा करने की कसम मै लेता हू...
वो कहती है...बातें बनाना कोए तुमसे सीखे..
नाटक मंडली के सरताज तुम ही...
मै कहता हू सच कहता हू विस्वास करो मेरा....
तुम्ही से मोहब्बत तुम्ही से ही है आशिक़्क़ी...!!! यही ये जीवन है...!!!
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उदारता, इंसानियत और सहयोग ... कलयुग है जनाब !! (002/365)
एक बड़े उद्योगपति से मिलने गया .. घर के बाहर खड़ी लम्बी कारों से लोगों ने अनुमान लगाए थे उनके बड़े होने के... बड़ी बड़ी बातों पर उनके तालियां ब...

















